शिक्षक भर्ती में साक्षात्कार और डेमो टीचिंग को भी दिया जाएगा महत्व


Rajasthan ka Master: नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षक भर्ती में अब नए प्रावधान किए गए हैं। इनमें पहली बार शिक्षक भर्ती में लिखित परीक्षा के साथ इंटरव्यू और डेमो टीचिंग को भी महत्व दिया जाएगा।

शिक्षक भर्ती पात्रता परीक्षा के दायरे में भी आगे बढ़ोतरी की जाएगी विद्यालय शिक्षा के सभी स्तर यानी बुनियादी, प्रारंभिक, मिडिल और माध्यमिक के शिक्षकों को इसमें शामिल किया जाएगा।

अभी राज्य में ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती, ग्रेड 2 के अलावा फर्स्ट ग्रेड पदों पर आरपीएससी की ओर से सीधी भर्ती कर चयन प्रक्रिया का प्रावधान है।

अभ्यर्थियों को चार चरणों में पास करना होगा पहले चरण में लिखित परीक्षा होगी। दूसरे चरण में शैक्षिक अभिलेख होगा। तीसरे चरण में इंटरव्यू होगा। 

चौथे चरण में अभ्यर्थी को कुछ समय के लिए राजकीय विद्यालय में अस्थाई रूप से शिक्षक के रूप में कार्य करना होगा और उसके बाद चयनित शिक्षक स्थाई शिक्षक बन सकेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा और शैक्षिक अभिलेख के समावेशीकरण से शिक्षक बनने की राह ज्यादा कठिन होगी।

इंटरव्यू प्रक्रिया से भाई भतीजावाद को बढ़ावा मिलेगा और इसके साथ ही राजकीय विद्यालय में अस्थाई शिक्षक के रूप में संस्था प्रधान के सामने चयनित शिक्षक को विभिन्न कौशल परीक्षा में सफल होना होगा।

शिक्षा से जुड़े हुए डॉ. राजेंद्र श्रीमाली का कहना है कि एनईपीके तहत पीटीईटी परीक्षा पास करने और 4 वर्षीय B.Ed के प्रशिक्षण के बाद शिक्षक बनने की योग्यता वैसे ही पूरी हो जाती है, फिर 4 चरणों को पूरा करना सही नहीं है। सरकार को चाहिए कि इस पर फिर से विचार कर शिक्षक भर्ती में लचीलापन का समावेश करें।

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