संयुक्त अभिभावक समिति ने " नो स्कूल नो फीस नो ऑनलाइन क्लास " की मांग को लेकर संयुक्त शिक्षा अधिकारी को सौपा ज्ञापन

Rajasthan ka Master: 
- कहा आदेश के बावजूद क्यो फीस वसूल रहे है निजी स्कूल संचालक।

कोविड 19 जैसी वैश्विक महामारी में प्रदेश की जनता फटे हॉल होती जा रही है और सरकार और अधिकारी कानों में रुई उठे बैठे हुए है। 24 मार्च से 30 जून तक पूरे देश ने लॉकडाउन जैसे आपातकाल को झेला जिसकी सज़ा भी जनता को ही भुगतनी पड़ रही है। 

कोरोना संक्रमण पूरे देश पर आया, व्यापार, बाजार, रोजगार सहित सभी तरह के काम-धंधे सरकार ने ठप कर दिए, स्कूलों को बंद करने का आदेश सरकार ने दिया उसके बावजूद इन सब की सज़ा जनता को ही भोगनी पड़ रही है। 

गुरुवार को संयुक्त अभिभावक समिति का 7 सदस्यीय दल शिक्षा संकुल पहुंचा और शिक्षा अधिकारी जयपुर संभाग बंशीधर गुर्जर को अभिभावकों की पीड़ा और समश्याओ से अंकित ज्ञापन सौपा और मांग की गई कि अब तो सरकार और प्रशासन अभिभावकों की पीड़ाओं पर ध्यान देंवे। 

इस दौरान समिति कोषाध्यक्ष संजय गोयल, प्रवक्ता ईशान शर्मा, अरविंद अग्रवाल, मनोज शर्मा, मीडिया संयोजक अभिषेक जैन बिट्टू, अरविंद यादव एवं अमृता सक्सेना मौजूद रहे। 

संयुक्त अभिभावक समिति प्रवक्ता ईशान शर्मा और अरविंद अग्रवाल ने बताया कि अभिभावक पिछले साढ़े चार माह से राहत की भीख मांग रहे है, घर-परिवार के पालन-पोषण के लिए सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे है। 

स्कूल दर स्कूल जाकर स्कूलों संचालकों से मुलाकात करने का प्रयास कर रहे है उसके बावजूद अभिभावकों को ठोकरे खाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। 

क्या अभिभावक इस देश का नागरिक नही, क्या सरकार में इन अभिभावकों की कोई भागीदारी नही, क्या अभिभावकों ने ठोकरे खाने के लिए अपने जनप्रतिनिधियों चयन किया है। 

अगर सरकार अभिभावकों को भूलकर निजी स्कूल संचालकों को संरक्षण दे रही है, उनको मौन समर्थन दे रही है तो सरकार को यह खुली चेतावनी है जिस प्रकार अभिभावक सरकार बनाने की ताकत रखता है उसी प्रकार सरकार को उखाड़ने की भी ताकत रखता है।

प्रवक्ता मनोज शर्मा ने बताया कि सरकार को नींद से अंगड़ाई लेकर अभिभावकों के दर्द को समझना चाहिए और उन्हें राहत देनी चाहिए।

पहले 6 जुलाई को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन हुआ फिर अभी 16 अगस्त को सड़कों पर उतरकर अभिभावकों को प्रदर्शन करना पड़ा यही नही अभिभावक प्रतिदिन किसी ना किसी स्कूल में प्रदर्शन कर ही रहा है। 

इस प्रदर्शन से निजी स्कूल संचालक और अभिभावकों के बीच दूरियां लगातार बढ़ रही है, सरकार से अपील है कि वह बढ़ती खाई को रोकने की दिशा में काम करे उसे चुप रहकर बढ़ने ना देंवे। 

अभिभावक इस संकट की घड़ी में लाचार है ना उसके पास काम-धंधा है ना रोजगार है। ऐसे संकट की घड़ी में सरकार अभिभावकों के साथ खड़ी नही रहेगी तो अभिभावक कैसे चुप बैठ जाएगा। 

गुरुवार को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शिक्षा संकुल पहुंचकर जयपुर संभाग स्कूल शिक्षा अधिकारी बंशीधर गुर्जर से मुलाकात कर अभिभावकों की पीड़ाओं से अवगत करवाया गया और ज्ञापन की कॉपी भेंट कर सरकार तक अभिभावकों की बात पहुंचाने का निवेदन किया। 

शिक्षा अधिकारी मंजू राजपाल से भी मुलाकात करने का कार्यक्रम था किंतु उनका समय नही मिल पाया जिसके चलते उन्हें ज्ञापन नही सौप पाए।

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