देशभर में सुरक्षाओं के बीच ली जाएंगी फाइनल ईयर की परीक्षाएं

Rajasthan ka Master: फाइनल ईयर के परीक्षार्थियों को देनी होगी परीक्षा, सुप्रीम कोर्ट ने माना यूजीसी सर्कुलर

अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन स्टूडेंट और अभिभावकों के बीच अब तक जो असमंजस की स्थिति बनी हुई थी कि फाइनल ईयर की परीक्षाएं होगी या नहीं..!

 वह स्थिति शुक्रवार को दूर हो गई।
जी हां,देशभर के सभी राज्यों में स्थित विश्वविद्यालयों के फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स को परीक्षाएं देनी होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी की ओर से जारी। परीक्षा सर्कुलर कोई वैद्य माना है।
कोरोना वायरस के कारण यह परीक्षा विश्वविद्यालय स्तर पर ही विशेष सुरक्षा व्यवस्था के तहत आयोजित करवाई जाएगी।

नीट-जेईई मेन एग्जाम सुरक्षा की जानकारी
विरोध के बीच एनटीए ने जेईई मेन व नीट के दौरान उठाए जाने वाले सुरक्षा एहतियातों के बारे में एनटीए प्रमुख ने विशेष जानकारी दी।

देशभर में कई स्टूडेंट्स, पैरेंट्स, छात्रसंघ, विपक्षी राजनीतिक पार्टियां समेत कुछ राज्य सितंबर में नीट यूजी 2020 और जेईई मेन 2020 का विरोध कर रहे हैं। 

इस बीच ये परीक्षाएं कराने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इन परीक्षाओं में बरते जाने वाले एहतियातों के बारे में जानकारी दे दी है।

एनटीए प्रमुख विनीत जोशी ने विस्तार से बताया है कि किन सुरक्षाओं के बीच ये परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी? कोरोना के बीच ये परीक्षाएं कराने के लिए एनटीए ने क्या-क्या तैयारियां की हैं?

परीक्षा केंद्रों पर कम हुई अभ्यर्थियों की संख्या
कोरोना से सुरक्षा के मद्देनजर, एनटीए ने जेईई मेन और नीट दोनों के लिए देशभर में परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाई है।

जेईई मेन के परीक्षा केंद्र 570 से बढ़ाकर 660 किए गए हैं। जबकि नीट के केंद्र 2546 से बढ़ाकर 3843 किए गए हैं।

इसके बाद जेईई मेन में प्रति केंद्र अभ्यर्थियों की संख्या घटकर 120 रह गई है, जो जनवरी की परीक्षा में 234 थी। वहीं, नीट में प्रति परीक्षा केंद्र अभ्यर्थियों की संख्या 416 है, जो 2019 में 597 थी।

अलग-अलग समय पर एंट्री
विनीत जोशी ने बताया कि 'भीड़ न जुटे इसके लिए अभ्यर्थियों को अलग-अलग रिपोर्टिंग टाइम दिया गया है। 

जैसे अगर एक केंद्र पर 150 अभ्यर्थी हैं, तो उन्हें अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप के रिपोर्टिंग टाइम में 30 से 40 मिनट का अंतर है। रिपोर्टिंग टाइम अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड में दिया गया है।'

अभिभावक नहीं रुक सकते
जोशी ने बताया कि 'एंट्री गेट पर क्यू मैनेजर्स होंगे। स्टूडेंट्स को परीक्षा केंद्र पर छोड़ने आए अभिभावकों को वहां आस-पास भी रुकने की अनुमति नहीं होगी। यहां तक कि गाड़ियां भी पार्क नहीं करनी हैं।

अभिभावक गाड़ी रोक कर अभ्यर्थी को केंद्र पर उतारेंगे और तुरंत आगे बढ़ेंगे। इसमें मदद के लिए स्थानीय प्रशासन व पुलिस को मदद के लिए लिखा जा चुका है।

अन्य जरूरी सावधानियां
परीक्षा केंद्रों के रजिस्ट्रेशन डेस्क पर एक बार में अधिकतम 15 अभ्यर्थी ही हो सकते हैं। एग्जाम सेटंर में एंट्री से लेकर एग्जिट तक, जांच व वेरिफिकेशन की सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह कॉन्टैक्टलेस होंगी।

जहां भी जरूरी होगा, वहां अभ्यर्थियों के खड़े होने के लिए चिन्हित स्थान बने होंगे। हर स्टूडेंट को निश्चित घेरे में ही खड़े होना है, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके।

परीक्षा केंद्रों में कमरों की संख्या बढ़ाई
केंद्रों में परीक्षा के कमरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। एक कमरे में 12 से ज्यादा अभ्यर्थी नहीं बैठेंगे। जेईई मेन कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा है, इसलिए इसमें बीच-बीच में एक-एक कंप्यूटर छोड़कर अभ्यर्थियों को बैठाया जाएगा।

पहली शिफ्ट में स्टूडेंट्स जिस कंप्यूटर पर बैठेंगे, दूसरी शिफ्ट में उसके बगल वाले कंप्यूटर (जो पहली शिफ्ट में इस्तेमाल नहीं हुआ होगा) पर बैठाया जाएगा।

स्टूडेंट्स को मास्क, सैनिटाइजर दिए जाएंगे। परीक्षा से पहले और बाद में केंद्रों को अच्छी तरह डिसइन्फेक्ट किया जाएगा।

सेल्फ डिक्लरेशन फॉर्म भरना होगा।
अगर किसी स्टूडेंट पर संक्रमण का संशय होगा, तो उसे अलग से बने आइसोलेशन रूम में बैठाया जाएगा। वहीं उसकी परीक्षा होगी। हर परीक्षा केंद्र पर आइसोलेशन रूम बनाए गए हैं।

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