निजी स्कूलों की लॉक डाउन में फीस के खिलाफ राजस्थान बन्द का आव्हान

Rajasthan ka Master:
स्कूल फीस मुद्दे को लेकर पहली बार राजस्थान बन्द सोमवार को

--- " बन्द " के समर्थन ने अभिभावकों ने प्रदेशभर में बांटे 50 हजार पर्चे

-- संयुक्त अभिभावक समिति ने " नो स्कूल नो फीस " की मांग किया है बन्द का आह्वान 
 कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन से उपजे व्यापारिक संकट के चलते पूरे देश का अभिभावक पहले से ही चिंतित है उसके बावजूद निजी स्कूल संचालक जबरन फीस वसूलने के षड्यंत्र रचकर अभिभावकों को पीड़ित, प्रताड़ित और अपमानित कर रहे है।
 
स्कूलों की बढ़ती मनमर्जी पर लगाम लगाने के लिए पिछले 4 महीनों से लगातार संघर्ष कर रही संयुक्त अभिभावक समिति ने सोमवार को राजस्थान बन्द का आह्वान किया हुआ है, जिसे प्रदेशभर के जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, दुकानदारों और सामाजिक संगठनों ने भी अपना पूर्ण समर्थन दिया है।

मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि प्रदेश के डेढ़ करोड़ से अधिक अभिभावकों की संख्या है, जो लगातार पिछले 5 महीनों से स्कूलों से गुहार लगा रही है, केंद्र और राज्य सरकार से राहत की मांग कर रही है लेकिन अभिभावकों की पीड़ाओं को कोई ना सुनने को तैयार है ना समझने को तैयार है। 

अभिभावकों ने हताश और निराश होकर सोमवार को राजस्थान बन्द का आह्वान रखा है जिसको भरपूर समर्थन मिल रहा है। 450 से अधिक सामाजिक, व्यापारिक और दुकानदार संगठनों ने समर्थन का ऐलान किया है।

प्रवक्ता अरविंद अग्रवाल ने बताया कि रविवार को बन्द के समर्थन के लिए जयपुर सहित जोधपुर, भीलवाड़ा, चितौड़गढ़, अजमेर, किशनगढ़, फतेहपुर शेखावाटी, टोंक, झालावाड़, बगरू सहित अनेको जिलो में अभिभावकों के विभिन्न समूहों ने दुकान दर दुकान जाकर 50 हजार से भी अधिक पर्चे बांटे और अभिभावकों के समर्थन में बंद को सफल बनाने के लिए हाथ जोड़कर अपील की। 

जिसे सभी व्यापारियों और दुकानदारों ने पूर्ण समर्थन दिया। इस दौरान जौहरी बाजार जामा मस्जिद के इमाम ने भी सोमवार के बन्द में शामिल होने की घोषणा की। 

प्रवक्ता मनोज शर्मा ने बताया कि रविवार को जयपुर शहर में 10-10 की संख्या में महामंत्री मनीष विजयवर्गीय, कोषाध्यक्ष संजय गोयल, प्रवक्ता ईशान शर्मा, अरविंद अग्रवाल, मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन बिट्टू, सदस्य प्रधान बगड़ा, सर्वेश मिश्रा, चन्द्र मोहन गुप्ता, हरिदत्त शर्मा, एडवोकेट अमित छंगाणी,  अमृता सक्सेना, दौलत शर्मा के नेतृत्व में 10 टीमों का गठन किया गया और जौहरी बाजार, किशनपोल, चांदपोल, चौड़ा रास्ता, मालवीय नगर, जगतपुरा, मानसरोवर, सोडाला, मुरलीपुरा, झोटवाड़ा, रामगंज बाजार, त्रिपोलिया बाजार सहित विभिन्न बाजारों में व्यापारियों से संर्पक कर सोमवार को स्वेच्छिक बन्द करने का अनुरोध किया, अभिभावक समिति ने व्यापारियों को कहा कि यह स्कूलों को लेकर पहला मुद्दा है जिसको लेकर राजस्थान बन्द का आह्वान किया है, यह अभिभावकों के सम्मान की लड़ाई है जिसे हम सभी को पूरी एकजुटता के साथ इस जंग को जितना है।

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