नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी बेंगलुरू के परिणाम पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

Rajasthan ka master: नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी बेंगलुरू के द्वारा भले ही एंट्रेंस टेस्ट करवा लिया गया हो, लेकिन इसके रिजल्ट के ऊपर सुप्रीम कोर्ट के द्वारा रोक लगा दी गई है।

पहली बार नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी अपने स्तर पर एंट्रेंस एग्जाम करवा कर सबसे अलग तरीके से एडमिशन लेने की प्रक्रिया को कर रही है, लेकिन क्लेट के द्वारा अभी तक एग्जाम नहीं करवाने के कारण कई तरह की पेचीदगियां सामने आई है और इसको देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने परिणाम पर रोक लगा दी है।

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं के वकीलों के द्वारा तर्क दिया गया है कि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी बेंगलुरू के द्वारा जो एंट्रेंस एग्जाम करवाया गया है उसमें पहले कंप्यूटर और लैपटॉप की सुविधा दी गई थी, लेकिन बाद में उसको एक्सटेंड करके मोबाइल से भी एंट्रेंस टेस्ट देने की छूट दी गई।

इसके कारण बहुत सारे अभ्यर्थियों को परीक्षा देने में परेशानी आई। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि देश में 54% लोगों तक की इंटरनेट की पहुंच है। ऐसे में बहुत सारे अभ्यार्थी एग्जाम देने से वंचित रह गए।

उल्लेखनीय है कि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी बेंगलुरु की तरफ से आयोजित करवाए गए टेस्ट के लिए 25000 अभ्यर्थी पंजीकृत हुए थे, जिनमें से 24000 विद्यार्थियों ने एग्जाम दिया है।

आपको बता दें कि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी बेंगलुरू के द्वारा क्लैट से अलग होकर पहली बार एंट्रेंस टेस्ट अपने स्तर पर आयोजित करवाया गया है।

फ्लैट की ओर से एंट्रेंस टेस्ट 28 सितंबर को होगा इससे पहले 7 सितंबर को तारीख तय की गई थी, किंतु कोविड और किन्ही अन्य कारणों से इस को आगे बढ़ा दिया गया है।

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